IndiqAI: तीन क्षेत्रों में AI के ज़रिए तकनीकी समाधान पेश करने वाला भारतीय प्लेटफॉर्म
भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित तकनीकी समाधान तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। इसी दिशा में काम कर रही है भारतीय AI कंपनी IndiqAI, जिसने शिक्षा, कॉर्पोरेट संचार और ऊर्जा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों के लिए तीन प्रमुख उत्पाद विकसित किए हैं… VidyaAI, UltiMeet और HELIO।
VidyaAI एक ऐसा टूल है जो किसी भी वीडियो कंटेंट को रीयल टाइम में प्रोसेस करता है और उसे एक इंटरएक्टिव लर्निंग मॉड्यूल में बदल देता है। इसके ज़रिए वीडियो की ट्रांसक्रिप्शन, चैप्टर वाइज ब्रेकअप, इंटेलिजेंट समरी, क्विज़ जनरेशन और फॉलोअप एक्टिविटीज़ जैसे फीचर उपलब्ध होते हैं। कंपनी के अनुसार, VidyaAI ने छात्रों की सीखने की क्षमता में औसतन 30% और शिक्षकों के समय की बचत में 68% तक का सुधार दिखाया है। यह उत्पाद मुख्य रूप से ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म्स, विश्वविद्यालयों और प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा उपयोग में लाया जा रहा है।
दूसरा प्रमुख टूल UltiMeet है, जो एक जनरेटिव AI बेस्ड मीटिंग असिस्टेंट है। यह किसी भी ऑनलाइन या ऑफलाइन मीटिंग के दौरान स्पीकर की पहचान करता है, पूरी बातचीत को ट्रांसक्राइब करता है, और बातचीत का संक्षेप में सारांश तैयार करता है। साथ ही, मीटिंग के दौरान उठे निर्णयों और ज़िम्मेदारियों को भी नोट करता है। इसमें वॉयस बायोमेट्रिक्स आधारित स्पीकर पहचान और स्मार्ट एक्शन पॉइंट जनरेशन जैसी विशेषताएं शामिल हैं।
तीसरा समाधान HELIO है, जो एक AI-सक्षम एनर्जी एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म है, खास तौर पर सौर ऊर्जा उत्पादन के पूर्वानुमान और प्रबंधन के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह रीयल टाइम और शॉर्ट टर्म में सौर ऊर्जा के उत्पादन की भविष्यवाणी करता है, बैटरी स्टोरेज और डिस्चार्ज को ऑप्टिमाइज़ करता है और ग्रिड की स्थिरता को बेहतर बनाता है। HELIO का उपयोग ऊर्जा कंपनियों और सोलर फार्म्स द्वारा किया जा रहा है।
IndiqAI का दावा है कि उसके सभी उत्पाद भारत में विकसित किए गए हैं और देश के तकनीकी आत्मनिर्भरता अभियान में योगदान कर रहे हैं। कंपनी का मुख्य उद्देश्य मशीन लर्निंग और जनरेटिव AI के माध्यम से डेटा को वास्तविक समाधानों में बदलना है।

